Haryana में बाढ़ और जलभराव से 80% गांव प्रभावित, प्रदेश के 20% किसानों ने कहा, 19 लाख एकड़ जमीन पर फसल को नुकसान

Haryana में बाढ़ ने काफी नुकसान किया है। प्रदेश में 89 लाख एकड़ कृषि भूमि पर 16 लाख किसान खेती करते हैं। राज्य सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर किसानों से बारिश से खराब हुई फसल के बारे में पूछा है जिसके बाद विशेष गिरदावरी की जाएगी। अभी तक के आंकड़ों के अनुसार 3 लाख से ज्यादा किसानों ने 19 लाख 22000 एकड़ जमीन पर फसल खराब होने की जानकारी अपलोड की है। अभी तीन दिन पहले तक यह आंकड़ा करीब 9 लाख एकड़ जमीन का था। अभी किस 5 दिन और इस पोर्टल पर अपनी जानकारी अपलोड कर पाएंगे। जिससे यह आंकड़ा वर्तमान के आंकड़े से डबल होने की उम्मीद की जा रही है।
हरियाणा में 7356 गांव है और जो आंकड़ा आया है वह यह कि प्रदेश के 5754 गांव में किसान प्रभावित हुए हैं। यह आंकड़ा अपने आप में चौंकाने वाला है कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की अगर बात की जाए तो 78% से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
अभी तक के आंकड़ों के अनुसार 78% से ज्यादा गांव में 20% से ज्यादा किसानों की इतनी ही जमीन पर फसल को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ और जलभराव से हुए फसल में नुकसान का यह आंकड़ा आने वाले दिनों में बढ़ सकता है।

कांग्रेस के पूरे प्रदेश को आपदाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। प्रदेश सरकार ने साफ कहा है कि किसानों को उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जानकारी आने के बाद विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाएगा।
इस साल सामान्य बारिश की तुलना में 45% ज्यादा बारिश अब तक दर्ज हुई है और पहाड़ों से आने वाले नदियों में पानी ने भी प्रदेश के किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। प्रदेश के कई जिले ऐसे हैं जहां बारिश सामान्य से कम हुई है लेकिन इसके बावजूद वहां पर फसलों को नुकसान पहुंचा है ऐसे जिलों में सिरसा और कैथल प्रमुख जिले हैं। जींद जिले में सामान्य बारिश हुई है लेकिन यहां पर बारिश बिखराव वाली रही है। जिले के कुछ हिस्सों में तेज बारिश और ज्यादा बारिश दर्ज की गई है जबकि कुछ हिस्सों में बहुत कम बारिश हुई है जिससे दोनों ही जगह फसलों को नुकसान हुआ है।